गुजरात सरकार की नीतियों और लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता से EV की बिक्री में आया उछाल

Updated: June 25, 2026 11:05 PM

इलेक्ट्रिक व्हीकल आज के दौर में न केवल किफायती परिवहन विकल्प हैं, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल भी हैं, यानी इनसे कार्बन उत्सर्जन नहीं होता है। इन्हीं खूबियों की वजह से लोगों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। गुजरात में बीते वर्षों के दौरान दोपहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री काफी बढ़ गई है। खरीदारों के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहन चलाना जहां कम खर्चीला है, वहीं इससे पर्यावरण संरक्षण में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने 2026–27 के बजट में हरित पहलों को प्राथमिकता दी है, जिसमें इलेक्ट्रिक परिवहन, कार्बन उत्सर्जन में कमी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा करों में भारी छूट, अनुदान और चार्जिंग केंद्रों के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने से मध्यम वर्ग में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर दिलचस्पी काफी बढ़ गई है। इससे पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों की सवारी बेहद सस्ती हो गई है, साथ ही खरीदारों को ₹30,000 से लेकर ₹1 लाख तक की बचत भी हो रही है। कुल मिलाकर, कम संचालन लागत, सरकारी अनुदान और शून्य कार्बन उत्सर्जन के कारण इलेक्ट्रिक वाहन आज व्यक्तिगत और सार्वजनिक परिवहन दोनों के लिए एक शानदार और टिकाऊ विकल्प बन गए हैं।

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