होली का पर्व नज़दीक आते ही लोगों में उत्साह चरम पर है। इस बार होली को न सिर्फ रंगों के साथ, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और वैदिक परंपरा के साथ मनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सूरत स्थित एक गौशाला ने होलिका दहन के लिए एक अनोखी पहल की है। गौशाला में बीते छह महीनों से गाय के गोबर को एकत्र कर ‘गोबर सटीक’ तैयार की गई है, जिसका उपयोग इस बार होलिका दहन में किया जाएगा। लोगों का मानना है कि यह तरीका शुद्ध, वैदिक और पर्यावरण के अनुकूल है। गौशाला से जुड़े लोगों का कहना है कि इस ‘गोबर सटीक’ को तैयार करने में करीब 70 टन गोबर का इस्तेमाल किया गया है। होलिका दहन में लकड़ी और अन्य संसाधनों की जगह गोबर की सटीक का उपयोग करना न सिर्फ पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि हमारी प्राचीन वैदिक परंपराओं के भी अनुरूप है।
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