बोटाद धार्मिक सर्किट: आस्था, विरासत और विकास से बन रहा बड़ा तीर्थ केंद्र

Updated: February 27, 2026 7:53 PM

गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र का महत्वपूर्ण जिला...बोटाद...आज आज धार्मिक पर्यटन के लिए राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है। यह संभव हुआ है धार्मिक क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में चलाई जा रही गुजरात सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की वजह से। जिसके तहत बोटाद जिले के सारंगपुर में श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर, पालियाद में विहलधाम और गढडा में श्री स्वामीनारायम मंदिर जैसे तीर्थस्थलों पर यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने और कनेक्टिविटी में सुधार के लिए काफी कार्य किए जा रहे हैं। सालंगपुर का श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर स्वामीनारायण संप्रदाय द्वारा स्थापित एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां मुख्य आराध्य के रूप में हनुमानजी विराजमान हैं। हाल ही में यहां स्थापित 54 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा ने इसे विश्वस्तरीय तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्धि दिलाई है।

बाइट – आत्मतृप्त स्वामी, BAPS, सालंगपुर, बोटाद

(इसी गांव के अंदर भगवान स्वामीनारायण के प्रतापी संत गोपालानंद स्वामी ने कष्टभंजन देव हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना करवाई थी यह मंदिर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है)



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